उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व में अवैध शिकार पर अंकुश: तीन आरोपी गिरफ्तार

रायपुर। गरियाबंद और धमतरी जिलों में स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व के कोर क्षेत्र में वन्यजीव सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। यहां बाघों और संकटग्रस्त एशियाई जंगली भैंसों के संरक्षण के लिए कई उपाय किए जा रहे हैं।
हाल ही में, रिज़र्व में दुर्लभ पक्षी पेरेग्रीन फाल्कन की उपस्थिति ने क्षेत्र के बेहतर पारिस्थितिकी तंत्र को दर्शाया है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में बढ़ी हुई निगरानी के दौरान 15 जनवरी 2026 को नागेश बीट में छह संदिग्ध सशस्त्र व्यक्तियों की गतिविधि देखी गई।
तत्पश्चात, एंटी पोचिंग टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने बताया कि वे प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से डेरा डालकर जंगली सुअरों का शिकार कर मांस को आपस में बांट रहे थे।
20 जनवरी 2026 को मुख्य आरोपी गुप्ताराम को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से भरमार बंदूक, जंगली सुअर का मांस, भालू का पंजा और शिकार उपकरण बरामद किए गए। अन्य आरोपी के घर से शिकार के लिए उपयोग किए जाने वाले उपकरण जब्त किए गए।
वन विभाग और पुलिस के संयुक्त प्रयासों के परिणामस्वरूप, आरोपियों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। इस कार्रवाई में वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में वन सुरक्षा को मजबूत किया गया है।



